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मुहम्मद सनाउल्लाह

मुहम्मद सनाउल्लाह

  • हज और ज़ुल-हिज्जा का आपसी संबंध इस्लाम
    • मुहम्मद सनाउल्लाह
    • May 21, 2026

    हज और ज़ुल-हिज्जा का आपसी संबंध

    इस्लामी कैलेंडर का 12वां और आखिरी महीना 'ज़ुल-हिज्जा' केवल एक समय का टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह वह मुबारक महीना है जिसे अल्लाह तआला ने पूरी इंसानियत की हिदायत और तरबियत का जरिया बनाया है। 'ज़ुल-हिज्जा' का शाब्दिक अर्थ ही है 'हज वाला महीना'।

  • रोज़े की मुख़्तलिफ़ जहात शरीयत
    • मुहम्मद सनाउल्लाह
    • Feb 23, 2026

    रोज़े की मुख़्तलिफ़ जहात

    रोज़े का सबसे बुनियादी और अहम आयाम उसकी रूहानी जहत है। रोज़ा सिर्फ पेट को खाली रखने का नाम नहीं है, बल्कि यह अपनी रूह (आत्मा) को अल्लाह की याद से तरोताज़ा करने का नाम है। यह एक ऐसी गुप्त इबादत है जिसे दिखावे (रियाकारी) से पूरी तरह पाक माना गया है।

  • तरावीह की नमाज़: रकअतों की तादाद, रूहानी हिकमत, और आज के समाज पर इसका असर शरीयत
    • मुहम्मद सनाउल्लाह
    • Feb 19, 2026

    तरावीह की नमाज़: रकअतों की तादाद, रूहानी हिकमत, और आज के...

    ​रमज़ान-उल-मुबारक का महीना केवल भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह अपनी रूह (आत्मा) को अल्लाह की याद से ताज़ा करने का महीना है। इस महीने में दो इबादतें सबसे प्रमुख हैं: दिन का रोज़ा और रात का कयाम। रात के इसी विशेष कयाम को हम 'तरावीह' कहते हैं। तरावीह का लफ़्ज़ी मायना 'आराम' है।

  • रमजान की आमद: रूहानियत, इबादत और आत्म-सुधार की तैयारी आख़िरत
    • मुहम्मद सनाउल्लाह
    • Feb 7, 2026

    रमजान की आमद: रूहानियत, इबादत और आत्म-सुधार की तैयारी

    जब आसमान के किनारे पर रमज़ान का पतला सा चाँद दिखाई देता है, तो वह सिर्फ़ एक नए महीने की शुरुआत नहीं होती, बल्कि एक गहरी रूहानी (Spiritual) तैयारी का ऐलान होता है। रमज़ानुल-मुबारक इस्लामी साल का नौवां महीना है और इसे “सय्यिदुश-शुहूर” यानी महीनों का सरदार कहा जाता है।

  • डॉ. मुनकिर हुसैन: इल्म, रूहानियत और इंसानियत की मिसाल व्यक्तित्व
    • मुहम्मद सनाउल्लाह
    • Feb 3, 2026

    डॉ. मुनकिर हुसैन: इल्म, रूहानियत और इंसानियत की मिसाल

    डॉ. मुहम्मद मुंकिर हुसैन (20 सितंबर 1954 – 5 फरवरी 2025) का जन्म बीरभूम ज़िले के भीमपुर गाँव में हुआ था। उनका परिवार एक साधारण किसान परिवार था। उन्होंने अपने जीवन से यह दिखाया कि ज्ञान (Knowledge), ईमान (Faith) और सेवा (Service) साथ-साथ चल सकते हैं।

  • शब-ए-बारात: रहमत, तौबा और मगफिरत की मुकद्दस रात आख़िरत
    • मुहम्मद सनाउल्लाह
    • Jan 27, 2026

    शब-ए-बारात: रहमत, तौबा और मगफिरत की मुकद्दस रात

    शब-ए-बारात इस्लामी कैलेंडर के आठवें महीने 'शाबान-उल-मुअज्जम' की 15वीं रात को कहा जाता है। 'शब' फारसी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है 'रात' और 'बारात' अरबी शब्द 'बरी' से बना है, जिसका अर्थ है 'नजात' (मुक्ति) या 'छुटकारा'।

  • भारतीय गणतंत्र और इस्लाम का न्याय दर्शन उभरते मुद्दे
    • मुहम्मद सनाउल्लाह
    • Jan 19, 2026

    भारतीय गणतंत्र और इस्लाम का न्याय दर्शन

    न्याय, समानता और मानव गरिमा किसी भी सभ्य समाज (Civilized Society) की आत्मा होते हैं। इतिहास यह गवाही देता है कि जिन राष्ट्रों ने न्याय (Justice), समानता (Equality) और मानव गरिमा (Human Dignity) को अपने मूल आदर्श बनाए, वे केवल राजनीतिक रूप से मज़बूत ही नहीं बने, बल्कि नैतिक रूप से (Morally) भी पूरी मानवता...

  • पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) का जीवन और आज के नौजवानों के लिए रास्ता रसूल (ﷺ)
    • मुहम्मद सनाउल्लाह
    • Dec 8, 2025

    पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) का जीवन और आज...

    पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) का मुकम्मल जीवन पूरी इंसानियत के लिए रहमत है। अल्लाह तआला ने कुरआन में साफ फरमाया: وَمَا أَرْسَلْنَاكَ إِلَّا رَحْمَةً لِّلْعَالَمِينَ

  • नमाज़: अल्लाह से राब्ते का सबसे मज़बूत ज़रिया इस्लाम
    • मुहम्मद सनाउल्लाह
    • Nov 24, 2025

    नमाज़: अल्लाह से राब्ते का सबसे मज़बूत ज़रिया

    इस संसार में इंसान की ज़िंदगी एक अनोखी और जटिल यात्रा है, जिसमें वह असंख्य नेमतों, परेशानियों, खुशियों, दुखों और इम्तिहानों से गुज़रता है। कभी वह सफलता के शिखर पर पहुंचकर खुशी से झूम उठता है, तो कभी कठिनाइयों के बोझ तले दबकर खुद को असहाय महसूस करता है। कभी उसका दिल खुशियों से लबरेज़ हो जाता है, तो कभी...

  • दूसरे धर्मों की रस्मों में शामिल होना: शरीअत के खिलाफ या जायज़? शरीयत
    • मुहम्मद सनाउल्लाह
    • Nov 6, 2025

    दूसरे धर्मों की रस्मों में शामिल होना: शरीअत के खिलाफ या...

    इस्लाम एक सम्पूर्ण और व्यापक धर्म है, जो अपने अनुयायियों को न केवल इबादत के बारे में मार्गदर्शन देता है, बल्कि जीवन के हर पहलू में दिशा प्रदान करता है।

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    • Dec 8, 2025

    पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) का जीवन और आज...

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