मोहम्मद रहबर इस्लाम
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जब कोई इंसान पहली बार शब्द 'तदब्बुर' सुनता है, तो उसके ज़हन में यह सवाल आ सकता है कि क्या यह सिर्फ उलमा, स्कोलर्स या अरबी ज़बान के माहिरों का काम है? क्या एक आम इंसान, जो अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी की उलझनों, दफ़्तर के काम और घरेलू ज़िम्मेदारियों में फंसा हुआ है
अपने सवाल और फ़तवे पूछें।
सवाल को जितना हो सके साफ़-साफ़ लिखें और हिंदी में टाइप करें। टाइप करते समय ग़लतियों से बचें। एक साथ कई सवाल न पूछें।
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